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Saturday, 28 November 2020

Deep Singh Yadav

Dry Skin Care In Hindi /सर्दियों में ऐसे करें त्वचा की देखभाल


Dry Skin Care In Hindi 

   

सर्दियों में ऐसे करें त्वचा की देखभाल



हमें त्वचा की देखभाल तो हर मौसम में ही करनी चाहिए, लेकिन सर्दियों में त्वचा से सम्बंधित समस्यायें कुछ ज्यादा ही हो जाती हैं, जिसके कारण सर्दियों में त्वचा को ज्यादा देखभाल की जरूरत पड़ती है। 
 
त्वचा की देखभाल करने से पहले यह जानना आवश्यक है कि हमारी त्वचा किस तरह की है। हमारी त्वचा चार प्रकार की होती है - तेलीय त्वचा, सूखी त्वचा, मिक्स्ड त्वचा और नॉर्मल त्वचा। अलग तरह की त्वचा की देखभाल के लिए अलग तरह के नुस्खों की जरूरत होती है।

सर्दियों में हमारी त्वचा काफी रूखी और बेजान हो जाती है। इसके लिए जरूरी है कि विटामिन ई युक्त मॉइस्चराइजर लगाया जाए। सबसे पहले अपने चेहरे को साफ पानी से अच्छी तरह से साफ करें और रोजाना रात और दिन में 2-3 बार अच्छा मॉइस्चराइजर लगायें।



सर्दियाँ का मौसम शुरु होते ही लोग गर्म पानी से नहाना शुरु कर देते हैँ। लेकिन इस बात ख्याल रखना चाहिये कि पानी ज्यादा गर्म ना हो नहीं तो त्वचा रूखी हो सकती है।

सर्दियों में साबुन का प्रयोग कम से कम करें। त्वचा अगर रूखी है तो स्क्रब करना भी बंद कर दें क्योंकि इससे त्वचा पर मौजूद पोर्स तो खुल जायेंगे लेकिन त्वचा रूखी हो जाएगी। स्क्रब तभी करना चाहिये जब त्वचा तेलीय ऑयली हो ताकि इससे हमारी त्वचा का ऑयल कम हो सके।

सर्दियों में त्वचा को जानदार और मुलायम बनाने के लिए चीनी और दही को अच्छी तरह मिला  कर चेहरे पर लगाना चाहिये फिर थोड़ी देर तक उसे सूखने दें। इसके बाद हल्के हाथों से चेहरे की मालिस करें और फिर गुनगुने पानी से धो लें।

गर्मियों में तो लोग  सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं लेकिन सर्दियों में इसकी कोई जरूरत नहीं समझते, जबकि सूरज की किरणें सर्दियों में त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं। सर्दियों में अक्सर लोग धूप सेंकते हैं और उसके कारण से त्वचा टैनिंग होने के साथ साथ वो बेजान भी हो जाती है। अगर इससे बचना है तो हमें सर्दियों में भी सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिये।

 चाहे गर्मी हो या सर्दी, हमें पानी ज्यादा पीना चाहिये जिससे कि हमारे शरीर में पानी की कमी ना होने पाये। शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी रहेगा तो त्वचा डेड नहीं होगी और चेहरे पर चमक हमेशा बनी रहेगी।

स्किन को कोमल और हेल्दी रखना है तो नारियल तेल का इस्तेमाल करें। नारियल का तेल सिर्फ बालों के लिए ही उपयोगी नहीं है बल्कि इससे रोजाना नहाने से एक घंटे पहले शरीर और चेहरे की मालिश करें और फिर नहाएं। स्किन कभी रूखी नहीं होगी।

एक मिश्रण बना लें जिसमे आपको ग्लिसरीन, कुछ बूँदें गुलाबजल और नींबू की मिलानी हैं ,इसे एक शीशी में भरकर रख लें अब इस मिश्रण को रात में सोने से पहले चेहरे पर लगाएं और सुबह गुनगुने पानी से धो लें। 

 हमारे हाथों की त्वचा अगर रूखी है तो इसके लिए  शहद और नींबू को मिलाकर उसे हाथों पर लगाएं और कुछ समय के लिये ऐसे ही रहने दें और थोड़ी देर बाद गुनगुने पानी से धो लें, त्वचा का रुखापन नहीं रहेगा।

अँडे और शहद का फेस मास्क भी त्वचा को मुलायम और स्वस्थ बनाने में काफी मददगार होता है। इसके लिए एक अँडे लें और उसमें  थोड़ा सा शहद मिलाएं ,फिर उसे चेहरा, गर्दन और हाथों पर अच्छी तरह से लगाएं उसके बाद एक घँटे बाद गुनगुने पानी से धो दें।

मौसम कोई भी हो त्वचा का ख्याल रखना है तो इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि हमें संतुलित भोजन खाना चाहिये और प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिये। सब्जियाँ और मौसमी फल खाना चाहिये। अगर सर्दियों का मौसम हैं तो नींबू ,पालक गाजर, सरसों, मेथी, जैसी चीजें खाने में अवश्य शामिल करनी चाहिये। 

कुछ लोगों की त्वचा रूखी होती है और सर्दियों के मौसम में ऐसी त्वचा की हालत और खराब हो जाती है। रूखी त्वचा के लिए सबसे अच्छे टॉनिक का जो काम करता है वह है दूध। चाहे तो इसे आप किसी फेसपैक में मिलाकर लगा सकते हैं या फिर ऐसे ही दूध को चेहरे पर लगाएं और हल्के हाथ से मसाज करें। करीब एक घंटे बाद गुनगुने पानी से धो दें। रोजाना ऐसा करेंगे तो कुछ ही समय में इसका फायदा देखने को मिलेगा।

एक बात जिसका हमें ख्याल रखना है वो यह है कि सर्दियों में हमें  अपनी त्वचा को स्वेटर दस्ताने, स्कार्फ जैसी गरम चीजों से ढ़ककर रखना हैं। पैट्रोलियम जैली लगाएं ताकि त्वचा की नमी बनी रहे।

2-3 चम्मच शहद में एक चम्मच मक्खन और थोड़ा सा नींबू और हनी मिलाकर एक फेसपैक बनायें और उसे चेहरे के अलावा गर्दन और हाथों पर लगायें। लगभग एक घँटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें उसके बाद गुनगुने पानी से धो लें। सर्दियों में रोजाना ऐसा करें। इससे ना सिर्फ त्वचा कोमल और हेल्दी बनेगी बल्कि रंगत भी गोरी होगी।




 

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Friday, 27 November 2020

Deep Singh Yadav

भारत vs ऑस्ट्रेलिया मैच की ऑनलाइन Live Streaming किस चैनल पर देखें




 भारत vs ऑस्ट्रेलिया मैच की ऑनलाइन Live 

Streaming किस चैनल पर देखें 


भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 27 नवंबर (शुक्रवार) को तीन वनडे मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला सिडनी में खेला जाएगा। पिछले दौरे पर विराट कोहली की कप्तानी में  ऑस्ट्रेलिया को   टीम इंडिया ने 2-1 से हराया था। टीम इंडिया इस सीरीज में बिना रोहित शर्मा के मैदान पर उतरेगी।  डेविड वॉर्न  और रस्टीव स्मिथ की वापसी की वजह से ऑस्ट्रेलिया की टीम मजबूत नजर आ रही है। दोनों टीमों के पास बेहतर पेस अटैक मौजूद है। जिसके कारण इस मैच के  रोमाँचक होने की काफी उम्मीद लगाई जा रही है। 

भारत का टॉप ऑर्डर कमजोर--

रोहित शर्मा की मौजूदगी के बिना में टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर इस सीरीज में कुछ कमजोर लग रहा रहा है। रोहित शर्मा  हेमस्ट्रिंग की इंजरी के कारण बाहर हो गये हैं। शिखर धवन के साथ इस मुकाबले में मयंक अग्रवाल भारत की तरफ से पारी का आगाज कर सकते हैं। केएल राहुल को टीम इंडिया उनकी हालिया फॉर्म को देखते हुए उनका इस्तेमाल नंबर चार पर करना चाहेगी। 

भारत का एकिदवसीय सीरीज में सबसे मजबूत पक्ष टीम की गेंदबाजी नजर आ रही है। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी के रूप  में टीम के पास दो दमदार तेज गेंदबाज हैं। वहीं, स्पिन विभाग में चहल की हालिया फॉर्म काफी अच्छी चल रही है, जबकि आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करने वाले रविंद्र जडेजा उनका साथ देते दिखाई दे सकते हैं।

स्मिथ और वॉर्नर की वापसी से मजबूत ऑस्ट्रेलिया--

स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर की वापसी से ऑस्ट्रेलिया का बल्लेबाजी क्रम काफी मजबूत दिखाई दे रहा है। मि़डिल ऑर्डर मे मार्नस लाबुशेन के आने से टीम की बल्लेबाजी काफी संतुलित हुई है, जबकि ग्लेन मैक्सवेल का वनडे फॉर्म इंग्लैंड के खिलाफ काफी अच्छा रहा था। ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी की बात करें तो पैट कमिंस और मिशेल स्टार्क की मौजूदगी में टीम का पेस अटैक दमदार दिखाई देरहा है। 

  आप कब, कैसे और किस जगह इस मैच की लाइव स्ट्रीमिंग और लाइव टेलिकास्ट देख सकते हैं--

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला वनडे मैच शुक्रवार 27 नवंबर को सिडनी के सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जााना है। 

भारत में किस समय शुरू होगा मैच?

भारत समय के मुताबिक यह मैच सुबह 9:10 बजे पर शुरू होगा। टॉस मैच शुरू होने से आधे घंटे पहले यानी सुबह 8;40 बजे होगा।

लाइव टेलिकास्ट कहां देख सकेंगे?

आप  भारत और ऑस्ट्रेलिया के मैच का लाइव टेलिकास्ट  सोनी नेटवर्क पर देख सकते हैं।

लाइव स्ट्रीमिंग कहां देख सकेंगे?

आप इस मैच की लाइव स्ट्रीमिंग एयरटेल टीवी और जीयो टीवी ऐप पर देख सकेंगे। 

हेड टू हेड--

भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें वनडे क्रिकेट में 140 बार एक दूसरे से मैच खेल चुकी हैं, जिसमें 78 में विजय ऑस्ट्रेलिया की टीम को मिली, जबकि 52 मुकाबलों में टीम इंडिया ने जीत दर्ज की है। भारत के ऑस्ट्रेलिया सरजर्मी पर रिकॉर्ड की बात करें तो यहां दोनों टीमें कुल 51 बार एक दूसरे के खिलाफ मैदान पर उतरी हैं, जिसमें 36 बार ऑस्ट्रेलिया की टीम विजयी रही जबकि 13 मैचों को टीम इंडिया  ने जीता।

दोनों टीमों का संभावित प्लेइंग XI--

भारत का संभावित प्लेइंग XI‍  मयँक अग्रवाल, शिखर धवन, विराट कोहली (कप्तान), युजवेंद्र चहल, केएल राहुल, हार्दिक पांड्या श्रेयस अय्यर, , रविंद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह मोहम्मद शमी, , नवदीप सैनी/ टी नटराजन

ऑस्ट्रेलिया का संभावित प्लेइंग XI: आरोन फिंच (कप्तान), डेविड वॉर्नर, स्टीव स्मिथ, मार्नस लाबुशेन, ग्लेन मैक्सवेल, एलेक्स कैरी, मार्कस स्टोयनिस, पैट कमिंस, जोश हेजलवुड, मिशेल स्टार्क, एडम जाम्पा

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Deep Singh Yadav

गुड़ खाने के फायदे / Benefits of Jaggery or Gur in Hindi



 

गुड़ खाने के फायदे


 Benefits of Jaggery or Gur in Hindi


1- पेट की समस्या - गुड़ पेट की समस्याओं से निपटने के लिये एक फायदेमंद उपाय है।  यह पाचन क्रिया से जुड़ी  समस्याओं को हल करने में बेहद लाभदायक है। खाना खाने के बाद गुड़ का सेवन करना चाहिये. इससे पाचन क्रिया   ठीक रहती है।

2- सर्दियों में या सर्दी लगने पर गुड़ का सेवन आपके लिए बहुत ही लाभदायक होता है।इसकी तासीर गर्म होती है जिसके कारण यह सर्दी, जुकाम और  कफ से आपको राहत देने में मदद करता है। इसके लिए दूध या चाय में गुड़ का प्रयोग किया जा सकता है, और आप इसका काढ़ा भी बनाकर ले सकते हैं।

3- गुड़ को अदरक के साथ गर्म कर, इसे गुनगुना खाने से गले की खराश और जलन में राहत मिलती है। इससे आवाज भी काफी बेहतर हो जाती है। 

4- जोड़ों में दर्द की समस्या होने पर गुड़ का अदरक के साथ प्रयोग काफी लाभदायक सिद्ध होता है। प्रतिदिन गुड़ के एक टुकड़े के साथ अदरक खाने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।

  5- त्वचा की सेहत के लिए भी गुड़ आपके लिए बहुत काम की चीज है।  गुड़ रक्त से हानिकारक टॉक्स‍िन्स को बाहर करता है और इससे त्वचा की सफाई हिती है।  रक्त का संचार भी अच्छा होता है।

 6- प्रतिदिन थोड़ा सा गुड़ खाने से मुंहासों की समस्या नहीं होती और त्वचा में चमक आती है। यह आपकी त्वचा की समस्याओं को आंतरिक रूप से ठीक करने में मदद करता है। 

  7-जब हमारे शरीर में आयरन की कमी हो जाती है तब  गुड़ खाने से काफी आराम मिलता है। यह आयरन का एक अच्छा और असानी से मिलने वाला स्रोत है।

 8- अगर आपको अधि‍क कमजोरी या महसूस थकान महसूस हो रही हैतो आप गुड़ का सेवन कर सकते हैं।क्योंकि गुड़ आपके शरीर में उर्जा के स्तर को बढ़ा देता है, इससे  आपको थकान महसूस नहीं होती है।

  9- शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में गुड़ सहायक होता है। इसमें एंटी एलर्जिक तत्व होते हैं, इसलिए अस्थमा होने पर भी मरीज़ों के  लिए इसका सेवन काफी फायदेमंद होता है।

 10- अगर पेट में गैस बनती है तो आप रोजाना एक गिलास पानी या फिर  दूध के साथ गुड़ का सेवन कर सकते हैं । 

गुड़ में पाये जाने वाले तत्व‍‌‍ :-

गुड़ में पानी(30-40%)
सुक्रोज़ (40-60%) 
चीनी (15-25%)
कैल्शियम (0.30%) 
आयरन (8.5-10mg)
फॉस्फोरस (05-10mg)
प्रोटीन (0.10-100mg)
विटामिन बी (04-100mg)
कार्बोहाइड्रेट(98%) तक होती है।

11- प्रतिदिन दोपहर व रात के खाने के बाद थोड़ा सा गुड़ मुंह में रखकर चूसने से पाचन भी बेहतर होता है, और गैस भी नहीं बनती। 

12- गुड़ का सेवन करने से  हमारे शरीर के खून की सफाई होती है  गुड़ का सेवन करना गले और फेफड़ों के संक्रमण  में लाभदायक होता है।

13- अस्थमा की बीमारी में गुड़ खाना काफी  फायदेमंद  होता है। गुड़ और काले तिल के लड्डू बनाकर इसे खा सकते हैं। इन लड्डुओं को खाने से सर्दी में अस्थमा की बीमारी मे आराम मिलता है। हमारे  शरीर में  गर्मी बनी रहती है।

14- साँस से सम्बंधित रोगों के लिए पाँच ग्राम गुड़ को बराबर मात्रा में सरसों के तेल के साथ मिलाकर खाने से साँस सम्बंधी परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है।

15- गला बैठ जाने और आवाज जकड़ जाने की स्थि‍ति में पके हुए चावल में गुड़ मिलाकर खाने से बैठा हुआ गला ठीक होता है एवं आवाज भी खुल जाती है।

16- कान में दर्द होने पर भी गुड़ काफी लाभदायक होता है। गुड़ को घी के साथ मिलाकर खाने से कान में होने वाले दर्द की समस्या ये निजात मिलती है।

17- पीलिया हो जाने पर पांच ग्राम सोंठ में दस ग्राम गुड़ मिलाकर एक साथ खाने से काफी लाभ मिलता है। 

18- महिलाओं को मासिकधर्म की समस्याओं में राहत देने के लिए भी गुड़ काफी फायदेमंद है। उन दिनों में गुड़ का सेवन करने से हर तरह की तकलीफ में राहत मिलेगी।

19- याददाश्त को बढ़ाने में  गुड़ बहुत  लाभदायक होता है।गुड़ का सेवन लगातार करने से याददाश्त बढ़ती है ।

20- अगर भूख कम लगती है,तो गुड़ खाने से आपकी  पाचन क्रिया सही तरीके से काम करेगी और आपको अच्छी तरह से भूख लगेगी।

21- गु़ड़ एक अच्छा मूड बूस्ट है, यह आपके मूड को खुशनुमा बनाने में मदद करता है। इसके अलावा माइग्रेन की समस्या में भी गुड़ फायदा पहुंचाता है। प्रतिदिन गुड़ का सेवन करने से लाभ होता है।
 
22- खट्टी डकारें आने या पेट की अन्य  समस्या में गुड़ में काला नमक मिलाकर चाटने से लाभ होता है।  इसके अलावा यह तंत्रिका तंत्र को मजबूत करने में काफी सहायक होता है।

23- वजन कम करने के लिए भी गुड़ का प्रयोग किया जा सकता है। शरीर में जल के अवधारण को कम करके शरीर के वजन को नियंत्रित करता है।

24- वैसे तो गुड़ को गर्म मासीर का माना जाता है, लेकिन इसके पानी के साथ घोलकर पीने से यह शरीर में ठंडक प्रदान करता है, और गर्मी को नियंत्रित करता है।

25- मजबूत हड्डियाँ  गुड़ का सेवन करने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है क्योाकि गुड़ में मौजूद कैल्शियम और फॉस्फोरस हड्डियों को मजबूत बनाता है।

 लगातार गुड़ के साथ अदरक का सेवन करने से   जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। । बुजुर्गों को गुड़ की रोटी खाने से भी काफी फायदा होगा इसलिए हमे चीनी की जगह गुड़ का ज्यादातर प्रयोगकरने चाहिये। 

26- महिलाओं के लिए फायदेमंद जिन महिलाओं या लड़कियों को पीरियड्स के दौरान पेट दर्द होता है, उनके लिए गुड़ काफी फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें कई विटामिन और मिनरल्स होते है। गुड़ आपके पाचन को सही रखता है इसलिए पीरियड्स के दौरान गुड़ खाने से दर्द कम होता  है और ये शरीर को गर्म रखने में मदद करता है। 


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Tuesday, 24 November 2020

Deep Singh Yadav

यूपी कैबिनेट: लव जेहाद के खिलाफ योगी सरकार का अध्यादेश, 10 साल तक की होगी सजा

 

यूपी कैबिनेट: लव जेहाद के खिलाफ योगी सरकार का अध्यादेश, 10 साल तक की होगी सजा

24.11.2020
लव जिहाद को लेकर देशभर में गरमाए माहौल के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट ने धर्मांतरण अध्यादेश के मसौदे को मंजूरी दे दी है। झांसा देकर, झूठ बोलकर या छल-प्रपंच करके धर्म परिवर्तन करने-कराने वालों के साथ सरकार सख्ती से पेश आएगी। अगर सिर्फ शादी के लिए लड़की का धर्म बदला गया तो ऐसी शादी न केवल अमान्य घोषित कर दी जाएगी, बल्कि धर्म परिवर्तन कराने वालों को 10 साल तक जेल की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है।

योगी सरकार ने मंगलवार को ‘विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020’ को अपनी मंजूरी दे दी। गवर्नर की मंजूरी मिलते ही यह कानून लागू हो जाएगा। नया कानून अमल में आने के बाद प्रदेश में बलपूर्वक, झूठ बोलकर, लालच देकर या अन्य किसी कपटपूर्ण तरीके से अथवा विवाह के लिए धर्म परिवर्तन गैर जमानती अपराध होगा।

सिर्फ शादी के लिए धर्म बदला तो अमान्य होगी शादी
अध्यादेश के अनुसार प्रदेश में किसी एक धर्म से अन्य धर्म में लड़की के धर्म में परिवर्तन से एक मात्र प्रयोजन के लिए किए गए विवाह पर ऐसा विवाह शून्य (अमान्य) की श्रेणी लाया जा सकेगा। अध्यादेश के अनुसार एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए संबंधित पक्षों को विहित प्राधिकारी के समक्ष उद्घोषणा करनी होगी कि यह धर्म परिवर्तन पूरी तरह स्वेच्छा से है। संबंधित लोगों को यह बताना होगा कि उन पर कहीं भी, किसी भी तरह का कोई प्रलोभन या दबाव नहीं है

दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन केस चलेगा , सजा के साथ जुर्माना भी होगा
दबाव बनाकर या झूठ बोलकर अथवा किसी अन्य कपट पूर्ण तरीके  से अगर किसी का धर्म परिवर्तन कराया गया तो यह  संज्ञेय अपराध माना जाएगा और यह गैर जमानती होगा और प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के न्यायालय में केस चलेगा।  अगर दोष सिद्ध हुआ तो दोषी को कम से कम 01 वर्ष और अधिकतम 05 वर्ष की सजा  होगी। इसके साथ ही कम से कम 15,000 रुपए का जुर्माना भी देना होगा।

एससी-एसटी मामले में अधिक सजा और जुर्माना  अगर धर्म परिवतर्न का मामला अवयस्क महिला, अनूसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की महिला के संबंध में हुआ तो दोषी को तीन वर्ष से 10 वर्ष तक कारावास की सजा और न्यूनतम 25,000 रुपये जुर्माना अदा करना पड़ेगा।धर्म परिवर्तन के लिए दो महीने पहले जिलाधिकारी को जानकारी देनी होगी 
अध्यादेश में धर्म परिवर्तन के सभी पहलुओं पर प्रावधान तय किए गए हैं। इसके अनुसार धर्म परिवर्तन का इच्छुक होने पर संबंधित पक्षों को तय प्रारूप पर जिला मजिस्ट्रेट को दो महीने पहले सूचना देनी होगी। इसका उल्लंघन करने पर छह माह से तीन वर्ष तक की सजा हो सकती है। इस अपराध में न्यूनतम जुर्माना 10,000 रुपये तय किया गया है।

सामूहिक धर्म परिवर्तन पर भी लगाम
योगी सरकार ने सामूहिक धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर लगाम लगाने के भी पुख्ता इंतजाम किए हैं। नए कानून में सामूहिक धर्म परिवर्तन के मामले में तीन से 10 वर्ष तक जेल हो सकती है और कम से कम 50,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा।


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Deep Singh Yadav

Anna Hazare Biography in hindi... अन्ना हजारे की जीवनी...


Anna Hazare Biography in hindi... अन्ना हजारे की जीवनी...

पूरा नाम  –  किसन बापट बाबूराव हजारे जन्म  –  15 जून 1937
जन्मस्थान
  –  रालेगन सिद्धि, अहमदनगर, महाराष्ट्र
 पिता  –  बाबूराव हजारे माता  –  लक्ष्मीबाई हजारे
 अन्ना हजारे का पूरा नाम किसन बापट बाबूराव हजारे है लेकिन अधिकांश लोग उन्हें अन्ना हजारे के नाम से ही जानते हैं। अन्ना हजारे का जन्म  15 जून 1937 को महाराष्ट्र के अहमदनगर के रालेगन_सिद्धि गांव के एक मराठा किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम बाबूराव हजारे और मां का नाम लक्ष्मीबाई हजारे था।[1] उनका बचपन बहुत गरीबी में गुजरा। पिता मजदूर थे तथा दादा सेना में थे। दादा की तैनाती भिंगनगर में थी। वैसे अन्ना के पूर्वंजों का गांव अहमद नगर जिले में ही स्थित रालेगन सिद्धि में था। दादा की मृत्यु के सात वर्षों बाद अन्ना का परिवार रालेगन आ गया। अन्ना के छह भाई हैं। परिवार में तंगी का आलम देखकर अन्ना की बुआ उन्हें मुम्बई ले गईं। वहां उन्होंने सातवीं तक पढ़ाई की। परिवार पर कष्टों का बोझ देखकर वे दादर स्टेशन के बाहर एक फूल बेचनेवाले की दुकान में 40 रुपये के वेतन पर काम करने लगे। इसके बाद उन्होंने फूलों की अपनी दुकान खोल ली और अपने दो भाइयों को भी रालेगन से बुला लिया।

वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद सरकार की युवाओं से सेना में शामिल होने की अपील पर अन्ना 1963 में सेना की मराठा रेजीमेंट में ड्राइवर के रूप में भर्ती हो गए। अन्ना की पहली नियुक्ति पंजाब में हुई। 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान अन्ना हजारे खेमकरण सीमा पर नियुक्त थे।12 नवम्बर 1965को चौकी पर पाकिस्तानी हवाई बमबारी में वहां तैनात सारे सैनिक मारे गए। इस घटना ने अन्ना के जीवन को सदा के लिए बदल दिया। इसके बाद उन्होंने सेना में 13 और वर्षों तक काम किया। उनकी तैनाती मुंबई और कश्मीर में भी हुई।1975 में जम्मू में तैनाती के दौरान सेना में सेवा के 15 वर्ष पूरे होने पर उन्होंने स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति ले ली। वे पास के गाँव रालेगन सिद्धि में रहने लगे और इसी गाँव को उन्होंने अपनी सामाजिक कर्मस्थली बनाकर समाज सेवा में जुट गए।1965 के युद्ध में मौत से साक्षात्कार के बाद नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उन्होंने स्वामी विवेकानंद की एक पुस्तक 'कॉल टु दि यूथ फॉर नेशन' खरीदी। इसे पढ़कर उनके मन में भी अपना जीवन समाज को समर्पित करने की इच्छा बलवती हो गई। उन्होंने महात्मा गांधी और विनोबा भावे की पुस्तकें भी पढ़ीं।1970 में उन्होंने आजीवन अविवाहित रहकर स्वयं को सामाजिक कार्यों के लिए पूर्णतः समर्पित कर देने का संकल्प कर लिया।

  1978 में स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति लेकर रालेगन आकर उन्होंने अपना सामाजिक कार्य प्रारंभ कर दिया। इस गांव में बिजली और पानी की ज़बरदस्त कमी थी। अन्ना ने गांव वालों को नहर बनाने और गड्ढे खोदकर बारिश का पानी इकट्ठा करने के लिए प्रेरित किया और स्वयं भी इसमें योगदान दिया। अन्ना के कहने पर गांव में जगह-जगह पेड़ लगाए गए। गांव में सौर ऊर्जा और गोबर गैस के जरिए बिजली की सप्लाई की गई। उन्होंने अपनी ज़मीन बच्चों के हॉस्टल के लिए दान कर दी और अपनी पेंशन का सारा पैसा गांव के विकास के लिए समर्पित कर दिया। वे  गाँव के मंदिर में रहते हैं और हॉस्टल में रहने वाले बच्चों के लिए बनने वाला खाना ही खाते हैं। आज गांव का हर शख्स आत्मनिर्भर है। आस-पड़ोस के गांवों के लिए भी यहां से चारा, दूध आदि जाता है। यह गांव आज शाँति, सौहार्द्र एवं भाईचारे की मिसाल है।

1991 में अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र में शिवसेना-भाजपा की सरकार के कुछ 'भ्रष्ट' मंत्रियों को हटाए जाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल की। ये मंत्री थे- शशिकांत सुतर, महादेव शिवांकर और बबन घोलाप। अन्ना ने उन पर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप लगाया था। सरकार ने उन्हें मनाने की बहुत कोशिश की, लेकिन अंतत: उन्हें दागी मंत्रियों शशिकांत सुतर और महादेव शिवांकर को हटाना ही पड़ा। घोलाप ने अन्ना के खिलाफ़ मानहानि का मुकदमा दायर दिया। अन्ना अपने आरोप के समर्थन में न्यायालय में कोई साक्ष्य पेश नहीं कर पाए और उन्हें तीन महीने की जेल हो गई। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर जोशी ने उन्हें एक दिन की हिरासत के बाद छोड़ दिया। एक जाँच आयोग ने शशिकांत सुतर और महादेव शिवांकर को निर्दोष बताया। लेकिन अन्ना हजारे ने कई शिवसेना और भाजपा नेताओं पर भी भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगाए।

1997 में अन्ना हजारे ने सूचना का अधिकार अधिनियम के समर्थन में मुंबई के आजाद मैदान से अपना अभियान शुरु किया।9 अगस्त 2003 को मुंबई के आजाद मैदान में ही अन्ना हजारे आमरण अनशन पर बैठ गए। 12 दिन तक चले आमरण अनशन के दौरान अन्ना हजारे और सूचना का अधिकार आंदोलन को देशव्यापी समर्थन मिला। आख़िरकार 2003  में ही महाराष्ट्र सरकार को इस अधिनियम के एक मज़बूत और कड़े विधेयक को पारित करना पड़ा। बाद में इसी आंदोलन ने राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले लिया। इसके परिणामस्वरूप 12 अक्टूबर 2005 को भारतीय संसद ने भी सूचना का अधिकार अधिनियम पारित किया। अगस्त 2006 में सूचना का अधिकार अधिनियम में संशोधन प्रस्ताव के खिलाफ अन्ना ने 11 दिन तक आमरण अनशन किया, जिसे देशभर में समर्थन मिला। इसके परिणामस्वरूप, सरकार ने संशोधन का इरादा बदल दिया।

2003 में अन्ना ने कांग्रेस और एनसीपी सरकार के चार मंत्रियों; सुरेश दादा जैन, नवाब मलिक, विजय कुमार गावित और पद्मसिंह पाटिल को भ्रष्ट बताकर उनके ख़िलाफ़ मुहिम छेड़ दी और भूख हड़ताल पर बैठ गए। तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार ने इसके बाद एक जांच आयोग का गठन किया। नवाब मलिक ने भी अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। आयोग ने जब सुरेश जैन के ख़िलाफ़ आरोप तय किए तो उन्हें भी त्यागपत्र देना पड़ा।

जन लोकपाल विधेयक के निर्माण के लिए जारी यह आंदोलन अपने अखिल भारतीय स्वरूप में 5 अप्रैल 2011 को समाजसेवी अन्ना हजारे एवं उनके साथियों के साथ जंतर-मंतर पर शुरु किए गए अनशन के साथ आरंभ हुआ, जिनमें मैग्सेसे पुरस्कार विजेता अरविंद केजरीवाल, भारत की पहली महिला प्रशासनिक अधिकारी किरण बेदी, प्रसिद्ध  वकील प्रशांत भूषण, आदि शामिल थे। 

 इस अनशन का प्रभाव समूचे भारत में फैल गया और इसके समर्थन में लोग सड़कों पर भी उतरने लगे। इन्होंने भारत सरकार से एक मजबूत भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल विधेयक बनाने की माँग की थी और अपनी माँग के अनुरूप सरकार को लोकपाल बिल का एक मसौदा भी दिया था। किंतु मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने इसके प्रति नकारात्मक रवैया दिखाया और इसकी उपेक्षा की। इसके परिणामस्वरूप शुरु हुए अनशन के प्रति भी उनका रवैया उपेक्षा पूर्ण ही रहा। लेकिन इस अनशन के आंदोलन का रूप लेने पर भारत सरकार ने आनन-फानन में एक समिति बनाकर संभावित खतरे को टाला और 16 अगस्त तक संसद में लोकपाल विधेयक पारित कराने की बात स्वीकार कर ली। 
अन्ना हजारे ने इसके खिलाफ अपने पूर्व घोषित तिथि 16 अगस्त से पुनः अनशन पर जाने की बात दुहराई।16 अगस्त को सुबह साढ़े सात बजे जब वे अनशन पर जाने के लिए तैयारी कर रहे थे, तब दिल्ली पुलिस ने उन्हें घर से ही गिरफ्तार कर लिया। उनके टीम के अन्य लोग भी गिरफ्तार कर लिए गए। इस खबर  से आम जनता  सड़कों पर उतरकर सरकार के इस कदम का अहिंसात्मक प्रतिरोध करने लगी। दिल्ली पुलिस ने अन्ना को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। अन्ना ने रिहा किए जाने पर दिल्ली से बाहर रालेगाँव चले जाने या ३ दिन तक अनशन करने की बात अस्वीकार कर दी। उन्हें 7 दिनों के न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया। शाम तक देशव्यापी प्रदर्शनों की खबर ने सरकार को अपना कदम वापस खींचने पर मजबूर कर दिया। 

दिल्ली पुलिस ने अन्ना को सशर्त रिहा करने का आदेश जारी किया। मगर अन्ना अनशन जारी रखने पर दृढ़ थे। बिना किसी शर्त के अनशन करने की अनुमति तक उन्होंने रिहा होने से इनकार कर दिया। 17अगस्त तक देश में अन्ना के समर्थन में प्रदर्शन होता रहा। दिल्ली में तिहाड़ जेल के बाहर हजारों लोग डेरा डाले रहे। 17अगस्त की शाम तक दिल्ली पुलिस रामलीला मैदान में 7 दिनों तक अनशन करने की इजाजत देने को तैयार हुई। मगर अन्ना ने 30 दिनों से कम अनशन करने की अनुमति लेने से मना कर दिया. उन्होंने जेल में ही अपना अनशन जारी रखा। अन्ना को रामलीला मैदान में 15 दिन कि अनुमति मिली और 19 अगस्त से अन्ना राम लीला मैदान में जन लोकपाल बिल के लिये आनशन जारी रखने पर दृढ़ थे। 24 अगस्त तक तीन मुद्दओ पर सरकार से सहमति नही बन पायी है।
 अनशन के 10 दिन हो जाने पर भी सरकार अन्ना का अनशन समापत नही करवा पाई | हजारे ने दस दिन से जारी अपने अनशन को समाप्त करने के लिए सार्वजनिक तौर पर तीन शर्तों का ऐलान किया। उनका कहना था कि तमाम सरकारी कर्मचारियों को लोकपाल के दायरे में लाया जाए, तमाम सरकारी कार्यालयों में एक नागरिक चार्टर लगाया जाए और सभी राज्यों में लोकायुक्त हो।  हजारे ने कहा कि अगर जन लोकपाल विधेयक पर संसद चर्चा करती है और इन तीन शर्तों पर सदन के भीतर सहमति बन जाती है तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दोनो पक्षों के बीच जारी गतिरोध को तोड़ने की दिशा में पहली ठोस पहल करते हुए लोकसभा में खुली पेशकश की कि संसद अरूणा राय और डॉ॰ जयप्रकाश नारायण सहित अन्य लोगों द्वारा पेश विधेयकों के साथ जन लोकपाल विधेयक पर भी विचार करेगी। उसके बाद विचार विमर्श का ब्यौरा स्थायी समिति को भेजा जाएगा।
  पुरस्कार.....

  • पद्मभूषण पुरस्कार (1992)
  • पद्मश्री पुरस्कार( 1990)
  • इंदिरा प्रियदर्शिनी वृक्षमित्र पुरस्कार (1986)
  • महाराष्ट्र सरकार का कृषि भूषण पुरस्कार (1989)
  • यंग इंडिया पुरस्कार
  • मैन ऑफ़ द ईयर अवार्ड (1988)
  • पॉल मित्तल नेशनल अवार्ड (2000)
  • ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंटेग्रीटि अवार्ड (2003)
  • विवेकानंद सेवा पुरुस्कार (1996)
  • शिरोमणि अवार्ड (1997)
  • महावीर पुरुस्कार (1997)
  • दिवालीबेन मेहता अवार्ड (1999)
  • केयर इन्टरनेशनल (1998)
  • बासवश्री प्रशस्ति (2000)
  • GIANTS INTERNATIONAL AWARD (2000)
  • नेशनलइंटरग्रेसन अवार्ड (1999)
  • विश्व-वात्सल्य एवं संतबल पुरस्कार
  • जनसेवा अवार्ड (1999)
  • रोटरी इन्टरनेशनल मनव सेवा पुरस्कार (1998)
  • विश्व बैंक का 'जित गिल स्मारक पुरस्कार' (2008)

  सिर पर गाँधी टोपी और बदन पर खादी है। आंखों पर मोटा चश्मा है, लेकिन उनको दूर तक दिखता है। इरादे फौलादी और अटल हैं। महात्मा गाँधी के बाद अन्ना हजारे ने ही भूख हड़ताल और आमरण अनशन को सबसे ज्यादा बार बतौर हथियार इस्तेमाल किया है। इसके जरिए उन्होंने भ्रष्ट प्रशासन को पद छोड़ने एवं सरकारों को जनहितकारी कानून बनाने पर मजबूर किया है। अन्ना हजारे को आधुनिक युग का गाँधी भी कहा जा सकता है अन्ना हजारे हम सभी के लिये आदर्श हैं।
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Saturday, 24 October 2020

Deep Singh Yadav

खुद को कैसे बनाएं बेहतर जानिए ये टिप्स…Self Improvement Tips In Hindi

 

खुद को कैसे बनाएं बेहतर जानिए ये टिप्स…


Self Improvement Tips In Hindi



आप शुरु से ही सभी चीजों को अच्छी तरह से व्यवस्थित कर लें तो आप बेहतर इंसान बन जायेंगे। और भी कई तरीके हैं जिन्हें अगर आप अपनायेंगे तो आप स्वंय को एक अच्छा इंसान बना सकते हैं।

स्वंय को बेहतर बनाने के लिए खुद को जानना बहुत आवश्यक है और आत्मविश्वास होना भी जरूरी है क्योंकि जब तक आप स्वंय को नहीं जान पायेंगे तब तक आप अपने आप को उत्तम नहीं बना सकते हैं।

शरीर का निरोगी होना भी आपकी बेहतरी के लिए बहुत आवश्यक है क्योंकि जब आप पूरी तरह से स्वस्थ्य होंगे तभी आपको सकारात्मक ऊर्जा भी मिलेगी और आप अच्छा महसूस करेंगे। इस पोस्ट के माध्यम से मैं आपको कुछ तरीके बता रहा हूँ जिनको अपनाकर आप स्वंय को और भी ज्यादा अच्छा इंसान बना सकते हैं।

खुद को अतिउत्तम बनाने के कुछ टिप्स – Self Improvement Tips In Hindi


अपने डर का सामना करें:

स्वंय को बेहतर बनाने के लिए अति आवश्यक है कि आपके अंदर जो डर बैठा है उसका सामना करें क्योंकि जब तक अपने डर को नहीं भगाएंगे, तब तक आप खुद को बेहतर इंसान नहीं बना पायेंगे इसलिए डर से जीतना बहुत जरूरी है।

क्योंकि किसी चीज का डर इंसान को आगे नहीं बढ़ने देता है जब आप डर का मुकाबला करने लगेंगे तो बिना भय से आगे बढ़ना शुरू कर देंगे।

अपनी गलतियों को स्वीकार करें:

आप स्वंय को एक बेहतर इंसान बनाना चाहते हैं तो इसके लिए स्वंय की गल्तियों को स्वीकार करना बहुत जरूरी है । जब तक आप स्वंय की गल्तियों को स्वीकार नहीं करेंगे तब तक आप  बेहतर इंसान नहीं बन सकते हैं।

प्रत्येक इंसान स्वंय के जीवन में किसी न किसी तरह की गलती अवश्य करता है लेकिन आप चाहते हैं कि आप वो गलती दोबारा न करें तो  इसके लिए आपको अपनी गलती में सुधार करना होगा जिसकी वजह से आपको एक अच्छा इंसान बनने में मदद मिलेगी।

अपने लक्ष्य का निर्धारण करें:

एक व्यक्ति तभी बेहतर इंसान बन पाता है जब वह अपने लक्ष्य को निर्धारित करें और उसको ईमानदारी से प्राप्त करने की कोशिश करे, किसी इंसान को उसके लक्ष्य को प्राप्त करने की चाहत और प्रयास ही उसे बेहतर बनाते हैं और उसको सफल बनाने में उसकी सहायता करते हैं।

खुद पर भरोसा रखें:

यदि आप चाहते हैं कि आप अच्छे व्यक्ति बन सकें तो आपको  स्वंय पर भरोसा रखना पड़ेगा , क्योंकि मनुष्य का आत्मविश्वास ही उसे जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

यदि आपके आत्मविश्वास में कमी हो जाती है तो हमें काम करने मैं डर महशूस होता है। आपके सोचने का नजरिया भी निम्न स्तर का होकर आपको नीचे की तरफ ढ़केलता है और फिर हम हार मान लेते हैं और हमारे हाथ असफलता ही लगती है। आपने देखा होगा कि एक बेहतर इंसान वही होता है जिसके अंदर आत्मविश्वास होता है।

टू-डू-लिस्ट तैयार करे:

प्रत्येक रविवार को कम से कम १५ से २० मिनट तक पूरे सप्ताह की योजना बनाने में बिताये। पूरे सप्ताह की योजना के बारे में लिख लें, स्वंय की टू-डू-लिस्ट को देखकर उसके अनुसार ही प्लानिंग करे। इस प्रकार आप अपने सभी काम अच्छी तरह से कर सकते हो।

खुद को प्रेरित करें:

स्वंय को उत्तम बनाने लिए आवश्यक है कि आप स्वंय को समय-समय पर प्रेरित करते रहें इससे आपके भीतर आत्मविश्वास बना रहेगा और आगे बढ़ने की इच्छा होगी जिससे आप अपने उद्देश्य को पूरा कर पायेंगे और एक सफल व्यक्ति बन सकेंगे लेकिन जब तक आप स्वंय को प्रेरित नहीं करेंगे आपके भीतर आत्मविश्वास की कमी रहेगी  और किसी नए काम को करने में डर लगेगा। इसलिए सफलता प्राप्त करने और आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास का होना बहुत आवश्यक है।

ध्यान लगाकर खुद को करें बेहतर:

ध्यान के द्वारा  भी आप खुद को बेहतर बना सकते हैं क्योंकि ध्यान एक ऐसा तरीका है जिसके  द्वारा आप स्वंय पर ध्‍यान केंद्रित करते हैं।

शाँतिपूर्ण आत्म ध्यान के द्धारा हमें स्वंय को समझऩे का मौका मिलता है। जब कभी भी बेहतर बनने की बात आती है तो इंसान हमेशा दूसरे के उदाहरण से स्वंय को देखता है लेकिन हमे दूसरों के बारें में नहीं स्वंय के बारे में आत्मचिंतन करना चाहिये और खुद को बेहतर बनाने की पूरी ईमानदारी के साथ कोशिश करनी चाहिये।

जब आप अपनी इच्छाओं को प्राथमिकता और अपने लक्ष्यों को सम्मान देंगे तभी आप स्वंय को बेहतर इंसान बना सकते हैं।

सभी को खुश करना बंद करे: 

सभी के जीवन में ऐसे लोग जरूर होते है जिनको हम साथ में लेकर  कभी भी आगे नहीं बढ़ सकते इसीलिये सभी को खुश करने का प्रयास कभी न करे।

हमेशा सीखने की ललक रखें:

आपके भीतर सीखने की ललक है तो आप एक बेहतर इंसान बन सकते हैं क्योंकि जो कुछ भी आप सीखते हैं उन्हीं को अपने जीवन में भी लागू करते हैं। आपके द्वारा की गई  गलतियाँ  भी आपको बहुत कुछ सिखा देतीं हैं।

अगर हमारे अंदर सीखने की इच्छा  है तो हम कभी भी ,कहीं भी और किसी भी चीज से सीख सकते हैं। अच्छे लोगों से अच्छी आदतें भी सीख सकते हैं। इसलिए जब भी मौका मिले हमें कुछ न कुछ अवश्य सीखते रहना चाहिए।

नकारात्मक सोच से खुद को रखें दूर:

यदि आप स्वंय को नकारात्मक विचारों  से दूर रखेंगे तो आपको स्वंय को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी क्योंकि जब भी हम किसी नये काम की शुरुआत करते हैं तो सर्वप्रथम दिमाग में यही विचार आता है कि क्या हम सफल हो पायेंगे ?

इस तरह के प्रश्न मन को आगे बढ़ने नहीं देते हैं इसिलए अगर आप जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो इसके लिए आवश्यक है कि आप इन सभी  बातों की परवाह किए बिना आगे बढ़ते रहे, क्योंकि नकारात्मकता आपको आगे बढ़ने से रोकती है। इसलिए हमेशा निगेटिव विचारों से हमें खुद को दूर रखना चाहिए।

इसके साथ ही निगेटिव सोच वाले व्यक्तियों से भी दूरी बनाकर रखनी चाहिए क्योंकि उनकी बातों से सिर्फ और सिर्फ आपको निराशा ही हाथ लगेगी , जबकि सकारात्क सोच वाला व्यक्ति आपका मनोबल बढ़ाता है।
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Thursday, 8 October 2020

Deep Singh Yadav

Whatsapp Status In Hindi

              Whatsapp Status In Hindi












































































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Friday, 2 October 2020

Deep Singh Yadav

जीवन में प्रेरणा भर देने वाली 03 सर्वश्रेष्ठ प्रेरक कहानियाँ | 03 Best Motivational Stories In Hindi

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जीवन में प्रेरणा भर देने वाली 03 सर्वश्रेष्ठ प्रेरक कहानियाँ | 03 Best Motivational Stories In Hindi


दोस्तो, जीवन में प्रेरणादायक कहानियों (Motivational Story In Hindi) का  एक अलग ही महत्त्व होता है, जीवन में अक्सर ऐसे क्षण आते हैं जब हम स्वंय को निराशा के भँवर में फँसा पाते हैं ऐसे में किसी के कहे गए प्रेरक शब्द या कहीं लिखे हुये प्रेरक वाक्य या फिर प्रेरणादायक कहानियाँ (Inspirational Story In Hindi) हमें निराशा के उस भँवर से बाहर निकालकर नए जोश का सँचार करती हैं।

 इस पोस्ट में लिखी गई मन में जोश भर देने वाली 03 सर्वश्रेष्ठ प्रेरणादायक कहानियों (Short Motivational Story In Hindi With Moral) को पढ़कर आपको भी प्रेरणा मिल सकेगी.....

1.  Motivational Story In Hindi ... चार मोमबत्तियाँ 


रात का समय था, चारों ओर घुप्प अंधेरा छाया हुआ था. केवल एक ही कमरा प्रकाशित था. वहाँ चार मोमबत्तियाँ जल रही थी.

 एकाँत देख कर चारों मोमबत्तियाँ एक दूसरे से आपस में बातें करने लगी। पहली मोमबत्ती ने कहा मैं शाँति हूँ, मैं जब इस दुनियाँ को देखती हूँ, तो मुझे बहुत दु:ख होता है, चारों तरफ लूट-खसोट और हिंसा का बोलबाला है, ऐसी जगह में मेरा यहाँ रहना बहुत मुश्किल है।  अब मैं यहाँ नहीं रह सकती , इतना कहकर मोमबत्ती बुझ गई।

दूसरी मोमबत्ती ने भी  अपनी बात कही,  मैं विश्वास हूँ मुझे ऐसा लगता है कि झूठ, फरेब,बेईमानी, दुराचार मेरा अस्तित्व समाप्त करते रहे हैं , इसलिये  अब यह जगह  मेरे ठहरने के लायक नहीं बची, मैं भी जा रही हूँ, इतना कहकर दूसरी मोमबत्ती भी बुझ गई।

तीसरी मोमबत्ती भी बहुत दु:खी थी, उसने कहा मैं प्रेम हूँ  और मैं सभी के लिए हमेशा जल सकती हूँ. लेकिन अब किसी के पास मेरे लिए वक़्त नहीं बचा. स्वार्थ और घृणा का भाव मेरा स्थान लेता जा रहा है,  अपनों के लिये भी  लोगों के मन में प्रेम नहीं बचा, अब यह सब बर्दाशत करना मेरे लिये सम्भव नहीं, इसलिये मेरा यहाँ से  जाना ही उचित रहेगा, यह कह कर तीसरी मोमबत्ती भी बुझ गई। 

तीसरी मोमबत्ती बुझी ही थी कि उसी समय कमरे में एक बालक आया, तीनों मोमबत्तियों को बुझा  देख कर उसे बहुत दुःख हुआ, उसके आँसू बहने लगे,  वह बालक दु:खी मन से बोला, इस तरह  मेरे जीवन में अंधेरा कर के तुम कैसे जा सकती हो, तुमको तो आखिर तक पूरा जलना था, लेकिन तुमने बीच में ही मेरा साथ छोड़ दिया, अब मैं क्या करूंगा ?

 चौथी मोमबत्ती ने बालक की बात सुनी और बोली घबराओ नहीं बालक मैं आशा हूँ और मैं हमेशा तुम्हारे साथ ही हूँ,  जब तक मैं जलती रहूँगी तब तक तुम मेरी लौ से अन्य मोमबत्तियों को भी रोशन कर सकते हो ।

चौथी मोमबत्ती की बात सुनकर बालक का हिम्मत बँध गई, उसने आशा के साथ शाँति, विश्वास और प्रेम को पुनः प्रकाशित कर लिया।

सबक – जीवन में समय हमेशा एक सा नहीं रहता। कभी उजाला रहता है, तो कभी अँधेरा भी होता हैं। जब जब जीवन में अँधकार आये, मन अशाँत हो जाये, विश्वास डगमगाने लगे और दुनिया पराई लगने लगे, तब आशा रुपी दीपक जलाना और जब तक आशा रुपी दीपक जलता रहेगा, जीवन में कभी अँधेरा नहीं होगा । आशा के भरोसे जीवन में हर चीज को प्राप्त  किया जा सकता है, इसलिए हमेशा का आशान्वित रहें।

2. Motivational Story In Hindi...  आखिरी  प्रयास 



एक राजा था। उसके दरबार में एक बार एक विदेशी व्यक्ति आया और उसने राजा को एक पत्थर गिफ्ट उपहार में दिया।
उसने उस पत्थर से भगवान शंकर की प्रतिमा का निर्माण कर उसे राज्य के मंदिर में स्थापित करने का निर्णय लिया और प्रतिमा निर्माण का कार्य राज्य के महामंत्री

महामंत्री गाँव के सर्वश्रेष्ठ मूर्तिकार के पास गया और उसे वह पत्थर देते हुए बोला, “महाराज मंदिर में भगवान शंकर की प्रतिमा स्थापित करना चाहते हैं.
तुम दस दिन के अंदर इस पत्थर से भगवान शंकरकी मूर्ति को तैयार कर के राजमहल पहुँचा देना। तुम्हे ईनाम में 100 सोने की मुद्रायें दी जायेंगी।

100 सोने की मुद्राओं की बात सुनकर मूर्तिकार बहुत खुश हुआ और उसने मूर्ति बनाने के लिये अपने औज़ार निकाले, वह हथौड़े से पत्थर को तोड़ने लगा लेकिन पत्थर जैसे
का तैसा ही रहा, मूर्तिकार ने हथौड़े के कई वार पत्थर पर वार किये किंतु पत्थर नहीं टूटा।

पचास बार प्रयास करने के उपरांत मूर्तिकार ने अंतिम बार प्रयास करने के उद्देश्य से हथौड़ा उठाया, किंतु यह सोचकर हथौड़े पर प्रहार करने के पूर्व ही उसने हाथ खींच
लिये और उसने सोचा कि जब सौ बार पत्थर तोड़ने की कोशिश की लेकिन पत्थर नहीं टूटा , तो अब कैसे टूटेगा ?

वह पत्थर महामंत्री को वापस कर आया और महामंत्री से कहा कि इस पत्थर को तोड़ना असंम्भव है। इससे भगवान विष्णु की मूर्ति नहीं बनाई जा सकती।

राजा के आदेश का पालन किसी भी हालत में महामंत्री को पूरा करना था। इसलिए उसने मूर्ति बनाने का काम उसी गाँव के एक साधारण से मूर्ति बनाने वाले को सौंप दिया। उस साधारण से मूर्ति बनाने वाले ने पत्थर पर हथौड़े से जैसे ही पहला वार किया पत्थर पहली बार में ही टूट गया।
पत्थर जैसे ही टूटा उस मूर्तिकार ने मूर्ति बनाना शुरु कर दिया। महामंत्री ने सोचा कि अगर पहले वाले मूर्तिकार ने एक बार और आखिरी कोशिश की होती तो शायद पत्थर टूट गया होता और और उसे १०० सोने की मुद्रायें मिल जाती।

सबक – दोस्तो, हमारे जीवन में भी ऐसी परिस्थितियाँ आतीं रहती हैं। कई बार किसी कार्य को करने के पूर्व या किसी समस्या के सामने आने पर उसका निराकरण करने के पूर्व ही हमारा आत्मविश्वास डगमगा जाता है, और हम प्रयास किये बिना ही हार मान लेते हैं।

थोड़ी बहुत कोशिश करने पर असफलता मिलने से हम हिम्मत हार जातेहैं और आगे कोशिश करना छोड़ देते हैं। शायद थोड़ी और कोशिश करने से कार्य पूरा हो जाता या हमारी समस्या का समाधान हो जाता। यदि हमें सफल होना है, तो कई बार असफ़ल होने के उपरांत भी तब तक कोशिश करते रहना चाहिये, जब तक कि सफ़लता मिल नहीं जाती, क्या पता जिस प्रयास को करने के पूर्व हम हार मान ले, वही हमारा आखिरी प्रयास हो और उसमें हमें सफ़लता प्राप्त हो जाये।

3. Motivational Story In Hindi...शिकंजी का स्वाद 



प्रोफ़ेसर कक्षा में पढ़ा रहे थे।  सभी छात्र उनका लेक्चर सुन रहे थे। और प्रोफ़ेसरके द्वारा पूछे गये प्रश्नों  के उत्तर दे भी रहे थे, लेकिन उनमें से एक छात्र ऐसा भी था, जो गुमसुम बैठा हुआ था।
प्रोफ़ेसर पहले ही दिन से उस छात्र पर नजर रखे हुये थे, लेकिन उससे कुछ कहा नहीं,  जब ३‍‌ ४ दिन तक वह छात्र ऐसा गुमसुम बना रहा , एक दिन प्रोफ़ेसर ने कक्षा समाप्त होने के बाद उस छात्र को अपने केबिन में बुलाया और उस छात्र से पूछा, क्या बात है कि तुम हर समय उदास  रहते हो ,कक्षा में गुमसुम, बैठे रहते हो. लेक्चर पर भी ध्यान नहीं लगाते, क्या कुछ समस्या है? 

छात्र ने कुछ हिचकिचाते हुए कहा कि सर मेरे अतीत में कुछ ऐसा हुआ है, जिसके कारण मैं बहुत परेशान रहता हूँ, मैं समझ नहीं पा रहा हूँ कि क्या करूँ ? प्रोफ़ेसर ने  उस छात्र को शाम को अपने घर पर बुलाया।

शाम को  छात्र प्रोफ़ेसर के घर पहुँचा, प्रोफ़ेसर ने उसे अंदर बुलाया और बैठाया। फिर स्वंय रसोईघर में जाकर शिकँजी बनाने लगे, शिकंजी में उन्होंने जानबूझकर नमक ज्यादा डाल दिया।
फिर बाहर आकर शिकंजी का एक गिलास छात्र को देकर शिकंजी पीने के लिये कहा ।

जैसे ही छात्र ने शिकंजी का एक घूँट पिया, उसका मुँह अजीब सा बन गया क्योंकि शिकंजी में नमक ज्यादा था। यह देख कर प्रोफ़ेसर ने पूछा, क्या शिकंजी अच्छी नहीं बनी ?

छात्र  ने कहा  नहीं सर, ऐसी कोई बात नहीं है। बस शिकंजी में नमक ज्यादा है।
फिर तो ये शिकंजी खराबहो गई, मैं इसे फेंक देता हूँ , लेकिन छात्र ने मना किया और कहा कि नहीं सर कोई बात नहीं   नमक ही तो ज्यादा है, थोड़ी सी चीनी मिला लेंगे  तो शिकंजी का स्वाद ठीक हो जायेगा।

यह बात सुन प्रोफ़ेसर बोले, तुमने सही कहा अब इसे समझ भी लो ,यह शिकंजी तुम्हारी जिंदगी है,  और इसमें घुला हुआ जायादा नमक तुम्हारे अतीत के बुरे अनुभव है, जिस तरह नमक को शिकंजी से बाहर नहीं निकाला जा सकता, उसी तरह ही उन बुरे अनुभवों को भी जीवन से अलग नहीं किया जा सकता है।

 बुरे अनुभव भी जीवन के ही हिस्से होते हैं, लेकिन जिस तरह से चीनी घोलकर शिकंजी का स्वाद बदला जा सकता हैं, उसी प्रकार कटु अनुभवों की यादों को भूलने के लिए हमें अपने जीवन में मिठास को घोलना पड़ेगा। मैं यह चाहता हूँ कि तुम अपने जीवन में भी मिठास को घोलो।

प्रोफ़ेसर की सभी बातें छात्र समझ में आ गई और उसने निश्चय किया कि अब वह अतीत की बातों से परेशान नहीं होगा।

सबक – जीवन में  हम अतीत की बुरी यादों और अनुभवों को याद कर दु:खी होते रहते हैं। इस कारण  अपने वर्तमान पर ध्यान नहीं दे पाते हैं और अपना भविष्यखराब कर लेते हैं, जो बीत गया उसमे सुधार नहीं किया जा सकता है, लेकिन कम से कम उसे हम भुला तो  सकते हैं और उन्हें भुलाने के लिए हमें नई मीठी यादें बनानी पड़ेंगी ।जीवन में मीठे और ख़ुशनुमा पलों को लायेगे तभी जीवन में मिठास आयेगी, और कई समस्याओं का समाधान भी हो जायेगा।  




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Friday, 25 September 2020

Deep Singh Yadav

Red Chilli Benefits In Hindi-लाल मिर्च खाने के फायदे


                       Red Chilli Benefits In Hindi-लाल मिर्च खाने के फायदे

      

लाल मिर्च की याद आते ही मुँह में तीखा, चटपटा स्वाद आ जाता है। भारत के हर रसोईघर में खाने में स्वाद को लाने के लिए लाल मिर्च का इस्तेमाल किया जाता है। आयुर्वेद में लाल मिर्च का इस्तेमाल औषधी के रूप किया जाता है।

लाल मिर्च कफ वात को दूर करने वाली, पित्त को बढ़ाने वाली, वात को हरने वाली, हृदय को उत्तेजित करने वालौ, मूत्र को बढ़ाने वाली,काम की इच्छा जाग्रत करने वाली और बुखार में फायदेमंद होती है। इसकी तीखी प्रकृति के कारण यह लार निकालने में और खाने को हजम करने में मदद करती है।

विभिन्न भाषाओं में लाल मिर्च के अलग अलग नाम होते हैं‍‍‍‍

लाल मिर्च को अंग्रेजी में Red chillies (रेड चिलीज) कहते हैं।
Sanskrit- लंका, कटुवीरा, रक्तमरिच, पित्तकारिणी;
Hindi- लाल मिर्ची;
Kannada- मेनासिन, हंसिमेनसु 
Gujrati- मरचा 
Tamil- सिलागे ,मिलागई, उसीमुलागे 
Telegu- मिर्चा काया ,सुदमिराप काया
Nepali- खुसीनी 
Marathi- लाल मिर्चा ,मुलुक 
Malayalam- चली , मूलकू
English- बर्ड आई चिल्ली,रेड पेपर,स्वीट पेपर,ग्रीन पेपर,गिनिया पेपर 
Arbi- फिलफिली अहमर,फिलफिलिआमर 
Persian- फिफिलीसुर्ख 


लाल मिर्च के फायदे-

साँस की बीमारी-

अगर किसी कारणवश साँस लेने में परेशानी हो रही है तो तुरन्त आराम पाने के लिए लाल मिर्च का सेवन करने से लाभ मिलता है। लाल मिर्च का प्रयोग साँस की बीमारी को कम करने के लिए किया जाता है।

गठिया के लिये-

लाल मिर्च का पेस्ट लगाने से जोड़ों के दर्द और नसों के दर्द में आराम मिलता है।

पेटदर्द में लाभकारी-

लगभग 1 ग्राम लाल मिर्च चूर्ण 100 ग्राम गुड़ में मिलायें और  मटर के बराबर गोली बना लें , उसके बाद सेवन करने से पेट दर्द से आराम मिलता है। 

हैजे में फायदेमंद-

लाल मिर्च के बीज अलग कर छिल्कों को महीन पीसकर कपड़े से छान कर थोड़ा कपूर और हींग मिला लें इन तीनों को शहद में घोटकर 125-250 मिग्रा की गोलियाँ बना लें। सुबह शाम 1-1 गोली सेवन करने से या हैजा में लाभ होता है।

डायबिटीज में फायदेमंद-

आजकल की तनाव भरा जीवन ऐसा हो गया है कि न खाने का नियम और न ही सोने का। परिणाम यह होता है कि लोग डायबिटीज का शिकार बनते जा रहे हैं। मिर्च के बीजों के एक बूँद तेल को बतासे में डालकर, लस्सी के साथ खाने से प्रमेह में बहुत लाभ होता है।

फोड़ा और फुन्सी को ठीक करे-

बरसात के मौसम में होने वाले फोड़े-फुन्सियों  और खुजली आदि इसके तेल के सेवन से ठीक हो जाते हैं।
गर्मी के मौसम में शरीर पर फुन्सियां हो जाती हैं, उन पर लाल मिर्च के बीजों का तेल लगाने से जल्दी आराम हो जाता है।


चर्म रोगों में लाभ-

नीम की नई पत्तियाँ और बीज निकाली हुई लाल मिर्च दोंनो को बराबर मात्रा में पानी में मिलाकर पीस लें ले और इसकी मटर के दाने के बराबर गोलियाँ बनाकर सुखा लें। एक एक गोली सुबह शाम खाने से 15 से 20 दिन में फोड़े फुन्सियाँ, रक्त विकार, बुखार ठीक हो जाता है।

ह्दय रोगियों के लिये-

बिना बीज के लाल मिर्च का मसाले के रूप में सेवन करना ह्दय के लिये लाभदायक होता है। इससे ह्दय मे अन्य बीमारियाँ भी नहीं होती हैं।

मिर्गी आना-

हिस्टीरिया और पागलपन के दौरे और बेहोशी में कुछ बूँदें नाक में दाल देने से जल्दी आराम मिल जाता है।

ज्यादा नींद आना-

सुबह शाम पाँच पाँच बूँदे दो चम्मच पानी में डाल  कर पिलायें, नींद ज्यादा नहीं आयेगी।

बदहजमी-

भोजन से पहले पाँच पाँच बूँदे पानी में मिलाकर पिलायें, भूख अच्छी तरह से लगेगी और पेट भी साफ रहेगा।

पेट दर्द दूर करे-

पिसी हुई लाल मिर्च गुड़ में मिलाकर खाने से पेट दर्द में आराम होता हैं।

कमर का दर्द करे दूर लाल मिर्च-

दर्द, कमरदर्द , में मिर्च के तेल की मालिश करने से या जले हुए फलों का लेप लगाने से लाभ होता है।

डिप्थीरिया में लाभदायक लाल मिर्च-

डिप्थीरिया तथा कंठ शालूक में भी इसका लेप करने से लाभ मिलता है।

आमवात में लाभदायक लाल मिर्च-

अक्सर उम्र बढ़ने के साथ जोड़ों में दर्द होने की समस्या हो जाती है लेकिन लाल मिर्च के तेल से मालिश करने से आराम मिलता है। लाल मिर्च के बीज के तेल की मालिश आमवात में भी लाभदायक होता है।

कुत्ते के काटने पर लाल मिर्च का लाभ-

कुत्ते के काटे हुए स्थान पर लाल मिर्च को पानी में पीसकर लगाने करने से दर्द में आराम मिलता है।

लाल मिर्च का उपयोगी भाग-

आयुर्वेद में लाल मिर्च के फल तथा बीज का प्रयोग औषधि के लिए किया जाता है।

लाल मिर्च का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए- 

बीमारी के लिए लाल मिर्च के सेवन और इस्तेमाल का तरीका पहले ही बताया गया है। अगर आप किसी ख़ास बीमारी के इलाज के लिए लाल मिर्च का उपयोग कर रहे हैं तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें।

लाल मिर्च का तेल बनाने की विधि - 125 ग्राम सूखी लाल मिर्चों को आधा लीटर तिल तेल में पकाएं, जब मिर्च काली पड़ जाए तो तेल छानकर शीशी में भर लें।


लाल मिर्च में केप्साइसिन नामक तत्व पाया जाता है जो के दमा रोग मेा लाभदायक होता है। इससे दमा के बार बार पड़ने वाले दौरों में कमी आती है। फेफड़े ताकतवर बनते हैं। साँस लेने में आराम मिलता है।


लाल मिर्च के नुकसान-
अधिक मात्रा मे सेवन करने से और छालों की समस्या हो सकती है।
बवासीर होने पर लाल मिर्च न खायें।


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